अपनी बॉडी टाइप (प्रकृति) कैसे पहचानें? – वात, पित्त या कफ

आयुर्वेद के अनुसार हर व्यक्ति की शरीर संरचना (प्रकृति) अलग होती है। यह प्रकृति तीन दोषों—वात, पित्त और कफ—से मिलकर बनती है। अपनी प्रकृति को समझना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे आप अपनी सेहत, खान-पान और लाइफस्टाइल को सही तरीके से संतुलित कर सकते हैं। प्रकृति क्या होती है? प्रकृति का मतलब है आपकी जन्म … Read more

वात, पित्त, कफ में अंतर क्या है? (सरल तुलना )

आयुर्वेद के त्रिदोष सिद्धांत के अनुसार हमारे शरीर की सभी क्रियाएँ वात, पित्त और कफ इन तीन प्राथमिक दोषों द्वारा नियंत्रित होती हैं। ये दोष पाँच महाभूतों के संयोजन से बने हैं: नीचे दी गई तालिका में इन दोषों की सरल तुलना की गई है: दोष रचना (महाभूत) मुख्य कार्य गुण (विशेषताए) असंतुलन लक्षण संतुलन के उपाय … Read more

‎त्रिदोष क्या है?

‎आयुर्वेद में त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) शरीर की सभी प्राणायाम, चयापचय और संरचनात्मक क्रियाओं को संचालित करने वाले तीन मुख्य तत्व हैं | ‎ये तत्व पाँच महाभूतों (वायु, आकाश, अग्नि, जल, पृथ्वी) के संयोजन से बनते हैं | ‎त्रिदोष के अनुसार शरीर के सभी अंग और प्रक्रियाएँ इन तीन दोषों द्वारा नियंत्रित होती हैं; यदि … Read more

सप्त धातु क्या होते हैं? (B.A.M.S. student k leye easy notes)

आयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर केवल हड्डियों और मांस से नहीं बना होता, बल्कि कुछ विशेष पोषक तत्वों से मिलकर बना होता है। इन्हें सप्त धातु कहा जाता है। BAMS 1st year में यह विषय बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्रिया शरीर का आधारभूत सिद्धांत है। ‎ धातु का अर्थ “धातु” शब्द का अर्थ है … Read more